श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे , रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः !
रामनवमी (Ram Navmi)
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मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जन्म त्रेतायुग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था, इसलिए हर वर्ष इस तिथि को राम नवमी या राम जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। इस वर्ष राम नवमी 27 मार्च दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन अयोध्या समेत पूरे देशभर में राम नवमी का उत्सव पूरे हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। भगवान श्री हरि विष्णु ने रावण के वध के लिए त्रेतायुग में अयोध्या के महाराजा दशरथ के घर राम अवतार लिया। उनकी बड़ी पत्नी कौशल्या ने राम को जन्म दिया। भगवान राम के अन्य तीन भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न ने क्रमश: माता कैकेयी और माता सुमित्रा के गर्भ से जन्म लिया।
राम नवमी तिथि 2026 (Ram Navmi Kab Hai):
पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 46 मिनट पर होगा। वहीं इस तिथि का अंत 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर बजकर 7 मिनट पर होगा। रामायण के अनुसार भगवान राम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। इसलिए वर्ष 2026 में 26 मार्च 2026 को राम नवमी का पर्व मनाना शुभ रहेगा। वहीं जो लोग उदयातिथि के आधार पर पर्व मनाते हैं, वे 27 मार्च 2026 को भी राम नवमी मना सकते हैं।
26 मार्च 2026 राम नवमी का शुभ मुहूर्त (Ram Navmi Puja Ka Shubh Muhurat):
राम नवमी के दिन मध्याह्न काल का विशेष महत्व होता है, क्योंकि मान्यता है कि भगवान राम का जन्म दोपहर के समय हुआ था।
समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करें हैं प्रभु राम:
राम नवमी के दिन व्रत रखने और विधि विधान से पूजा करने पर व्यक्ति की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।
राम नवमी 2026 के लिए मुख्य विवरण:
दिनांक: 26 मार्च 2026 (गुरुवार)
नवमी तिथि प्रारम्भ: 26 मार्च 2026, प्रातः 11:48 बजे
नवमी तिथि समाप्त: 27 मार्च 2026, सुबह 10:06 बजे
मध्याह्न मुहूर्त (पूजा का सर्वोत्तम समय): सुबह 11:27 से दोपहर 1:54 तक (अवधि: लगभग 2 घंटे 27 मिनट)
राम जन्मोत्सव (जन्म समय): दोपहर 12:27 बजेराम नवमी व्रत एवं पूजा विधि:
नवमी तिथि के प्रात:काल स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर पूजा स्थल पर प्रभु श्री राम की प्रतिमा, मूर्ति या फिर मूर्ति/ तस्वीर को स्थापित करें। राम जी के बाल्यकाल की मूर्ति या तस्वीर हो तो बहुत उत्तम होगा। अब राम नवमी व्रत का संकल्प करें। इसके बाद उनका गंगा जल से अभिषेक कराएं। फिर भगवान श्रीराम का अक्षत्, रोली, चंदन, धूप, गंध आदि से षोडशोपचार पूजन करें। इसके बाद उनको तुलसी का पत्ता और कमल का फूल अर्पित करें। मौसमी फल भी चढ़ाएं। घर में बने मीठे पकवान का भोग लगाएं। अब रामचरितमानस, रामायण और रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें। इसके पश्चात भगवान राम की आरती करें। पूजा दौरान उनकी प्रतिमा को पालने में कुछ देर के लिए झुलाएं। पूजा समापन के बाद प्रसाद लोगों में वितरित कर दें। ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दें। व्रत रखने वाले लोग दिनभर फलाहार करें।
शुभ मुहूर्त में भगवान राम की रथ यात्रा, झांकियां आदि निकालें। फिर शाम को भगवान राम का भजन—कीर्तन करें। फिर दशमी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान राम की पूजा करें और पारण कर व्रत पूरा करें।—————————————————
ध्यानम
भगवान श्री राम का ध्यान करते हुए निम्नलिखित मंत्र का जाप करना चाहिए.
कोमलक्षम विशालाक्षमिंद्रनिला सम्प्रभम। दक्षिणंगे दशरथं पुत्रवेक्षनतत्परम्॥
पृष्टतो लक्ष्मणम् देवं सच्छत्रम् कनकप्रभम। पार्श्व भरत शत्रुघ्नौ तलावृंतकरवुभौ॥
अग्रव्यग्राम हनुमंतम रामानुग्रह कंक्षीणम ओम श्री रामचंद्राय नमः। ध्यानत ध्यानं समरपयामी॥—————————————————
इन मंत्रों से हवन करें
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ऊं गणेशाय नम: स्वाहा
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ऊं गौरये नम: स्वाहा
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ऊं वरुणाय नम: स्वाहा
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ऊं दुर्गाय नम: स्वाहा
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ऊं महाकालिकाय नम: स्वाहा
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ऊं हनुमते नम: स्वाहा
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ऊं भैरवाय नम: स्वाहा
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ऊं कुल देवताय नम: स्वाहा
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ऊं स्थान देवताय नम: स्वाहा
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ऊं ब्रह्माय नम: स्वाहा
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ऊं विष्णुवे नम: स्वाहा
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ऊं शिवाय नम: स्वाहाऊं जयंती मंगलाकाली भद्रकाली कपालिनी
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दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा, स्वधा नमस्तुते स्वाहा
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श्रीराम के मंत्रों के जाप
रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम के मंत्रों के जाप से भक्त उनकी आराधना करते हैं। हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में भगवान श्रीराम के सिद्ध मंत्र दिए गये हैं और इन मंत्रों को जपने की सही विधि भी बताई गयी है।
राम नवमी के दिन करें इन मंत्रों का जाप
राम मूल मंत्र- ॐ श्री रामाय नमः॥
राम तारक मंत्र- श्री राम जय राम जय जय राम॥
राम ध्यान मंत्र- ॐ आपदामपहर्तारम् दाताराम् सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामम् श्रीरामम् भूयो-भूयो नमाम्यहम्॥
सामान्य मंत्र- ॐ श्री रामचन्द्राय नमः। , ॐ रां रामाय नमः।—————————————————
आइए जानते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के सिद्ध मंत्र कौन-कौन से हैं और उनको जपने के लाभ क्या है?
1- ‘राम’
राम नाम स्वयं ही एक बड़ा मंत्र है। दरअसल, भगवान श्रीराम का नाम अपने आप में एक सिद्ध मंत्र है। राम नवमी के दिन जो भक्त राम का नाम 108 बार जपता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
2- ‘रां रामाय नम:’
भगवान श्रीराम का यह मंत्र बेहद ही प्रभावशाली होता है। इस मंत्र को श्रीराम पूजा में 108 बार जपें। इस मंत्र को सच्चे मन से जपने से भक्तगणों की सारी विपदाएं नष्ट हो जाती हैं। आरोग्य जीवन के लिए भी यह राम मंत्र कारगर है।3- ‘ॐ रामचंद्राय नम:’
रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम के इस मंत्र को जपने से घर के सारे संकट दूर हो जाते हैं। घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। घर की शांति के लिए इस मंत्र को 108 बार श्रीराम की पूजा के समय जरुर जपें।4- ‘ॐ रामभद्राय नम:’
भगवान श्रीराम के मंत्रों में सब प्रकार के दुखों को हरने की शक्ति होती है। सच्ची श्रद्धा के साथ श्रीराम के इस सिद्ध मंत्र का 108 बार जाप करें। आपके कार्य में आ रही सारी बाधाएं दूर हो जाएंगी।
5- ‘ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा’
रामनवमी के दिन माता जानकी का स्मरण अवश्य ही करना चाहिए। श्रीराम एवं उनकी अर्धांगनी माता सीता से जुड़े इस मंत्र के जाप से मनोकामना पूर्ति होती है। पूजा के समय इसे 108 बार जपें।6- ‘ॐ नमो भगवते रामचंद्राय’
भगवान श्रीराम का जीवन संपूर्ण मानव जाति के लिए एक आदर्श है। इसलिए राम नवमी के दिन आप श्रीराम से जुड़ा यह मंत्र 108 बार जपें। इस मंत्र के जाप से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे।7- ‘श्रीराम जय राम, जय-जय राम’
भगवान राम से जुड़ा यह मंत्र लोकप्रिय तो है ही साथ में यह मंत्र बेहद असरदार भी है। यह मंत्र आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को भर देगा। भगवान राम की पूजा में इस मंत्र का जाप 108 बार करें।
8 – ‘ॐ दशरथाय विद्महे सीता वल्लभाय धीमहि तन्नो श्रीराम: प्रचोदयात्।
यह श्रीराम गायत्री मंत्र है। शास्त्रों में ऐसा लिखा गया है कि इसके जप से व्यक्ति के सारे संकट दूर हो जाते हैं। उसके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।9- ‘ॐ रामाय धनुष्पाणये स्वाहा:’
भगवान श्रीराम का यह सिद्ध मंत्र आपको कानूनी कार्यों, मुकदमों में जीत दिलाता है। अगर आप किसी कानूनी केस का सामना कर रहे हैं तो रामनवमी के दिन यह मंत्र श्रीराम पूजा के दौरान 108 बार जपें।10- इसके साथ ही श्रीराम रक्षास्तोत्र, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण आदि का पाठ भी राम नवमी के दिन करना चाहिए। इनके पाठ से कई प्रकार के लाभ होते हैं और व्यक्ति के भाग्य खुल जाते हैं।
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